श्री राजेंद्र यादव अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े साहित्यकार रहे हैं उन्होंने प्रेमचंद की संस्थापित पत्रिका हंस का पुर्नप्रकाशन आरंभ किये उसी कड़ी में आज मुझे मेरी कलाकृति को आवरण पुरस्कार के रूप में सम्मानित किया गया और जिन लोगों को सम्मानित किया गया है उनमें योगिता यादव का नाम भी है पूरी लिस्ट हंस के फेसबुक पेज पर देखी जा सकती है।
क्या है यह पुरस्कार?
राजेंद्र यादव हंस सम्मान (या राजेंद्र यादव हंस आवरण सम्मान)
हिंदी साहित्य का एक प्रतिष्ठित वार्षिक पुरस्कार है। यह ‘हंस’ पत्रिका
- लेख सम्मान
- लघुकथा सम्मान
- समीक्षा सम्मान
- आवरण (कवर) सम्मान
- पत्र सम्मान
- युवा कथा सम्मान (दस्तक प्रतियोगिता)
- ग़ज़ल, विक्रेता आदि अन्य श्रेणियाँ भी शामिल हैं।
चयन हंस पत्रिका में पिछले एक वर्ष (आमतौर पर अगस्त से जुलाई) में प्रकाशित रचनाओं में से निर्णायक मंडल द्वारा किया जाता है।
यह सम्मान हिंदी साहित्य में प्रगतिशील, समाज-केंद्रित और युवा लेखन को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है। ‘हंस’ पत्रिका प्रेमचंद द्वारा 1930 में शुरू की गई थी, जिसे राजेंद्र यादव ने 1986 में पुनर्जीवित किया था।



















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